पाक ने हमले में जैश का हाथ होने के भारत से और सबूत मांगे


इस्लामाबाद. पाकिस्तान ने भारत से पुलवामा हमले में जैश का हाथ होने के और सबूत मांगे हैं। इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त से इस बात के भी सबूत मांगे गए कि पाकिस्तान में जैश के आतंकी कैंप हैं। पाकिस्तान ने कहा कि हमने प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए भारत से और ज्यादा जानकारियां मांगी हैं।

27 फरवरी को भारत ने सौंपा था डॉजियर
भारतीय उच्चायुक्त को विदेश मंत्रालय के सचिव ने बुलाया था। विदेश मंत्रालय ने बताया कि उच्चायुक्त को पुलवामा हमले के संबंध में शुरुआती जांच की जानकारियां बताई गईं। यह जानकारियां भारत की फाइल के परीक्षण के बाद सौंपी गईं। भारत ने दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायुक्त को 27 फरवरी को पुलवामा हमले के संबंध में डॉजियर सौंपा था। भारत ने पाकिस्तान को हमले के पीछे जैश का हाथ होने के बारे में पुख्ता जानकारियां दी थीं। इसके अलावा भारत ने बताया था कि पाक में जैश के कैंप और उनके लीडरों के होने के भी सबूत सौंपे थे।

आईएसआई ने मसूद को सेफ जोन में छिपाया- सूत्र
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, पुलवामा में फिदायीन हमले के बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने जैश-ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को ‘सेफ जोन’ में छिपा दिया था। अजहर को 17-18 फरवरी यानी पुलवामा हमले के बाद रावलपिंडी से बहावलपुर के नजदीक कोटघानी भेजा गया था। आईएसआई ने उसकी सुरक्षा भी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि पुलवामा में जब हमला हुआ उस वक्त अजहर रावलपिंडी में सेना के अस्पताल में भर्ती था।

पाक में मसूद के जमात-उद-दावा पर शिकंजा कसा
पुलवामा हमले और भारत की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा था। इसके बाद पाक सरकार ने मात-उद-दावा और फला-ए-इंसानियत के मुख्यालय को अपने नियंत्रण में ले लिया था। प्रतिबंधित संगठनों के 100 से ज्यादा लोग हिरासत में लिए गए थे और 182 मदरसों को सरकारी नियंत्रण में ले लिया गया था।

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Pak seeks more evidence from India on JeM involvement in Pulwama attack