बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान फौज और ISI को सता रहा है इस बात का डर, इसलिए आतंकियों के साथ आनन-फानन में की मीटिंग


इंटरनेशनल डेस्क, नई दिल्‍ली। बालाकोट में आतंकियों के ठिकाने पर एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान सरकार बेहद डरी हुई है। उसने आतंकी गुटों को पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई की यूनिफॉर्म पहनने का आदेश दिया है। आईएसआई हुक्म है कि आतंकी पाकिस्तानी सेना की वर्दी में पहनें, इससे वो भारतीय एजेंसियों के रडार से बच सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईएसआई ने 16 मार्च को आतंकियों के टॉम कमांडर्स के साथ एक मीटिंग में ये निर्देश दिए थे।

आतंकी कैम्पों को भी शिफ्ट किया जा रहा है
– बालाकोट में भारत की कार्रवाई के बाद पीओके के 4 टेरर कैंपों को भी दूर शिफ्ट किया जा रहा है। इससे इन कैंपों की सिक्युरिटी बेहतर तरीके से की जा सकेगी। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तान ने निकयाल और कोटली इलाके में मौजूद लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को कहा है कि वो अपने कैंपों को लाइन ऑफ कंट्रोल से दूर रखें। इस इलाके में आतंकियों के चार कैंपों मौजूद हैं।
– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान को लगता है कि भारतीय सैटेलाइट हर वक्त उनके कैंपों को मॉनिटर कर रहे है। जैसे ही आंतकी कैंप से बाहर निकलते हैं, भारतीय सेना को उनकी जानकारी मिल जाती है और वो जल्द ही मार दिए जाएंगे। अगर वो पाकिस्तानी सेना की यूनिफार्म में होंगे तो उनकी पहचान कर पाना मुश्किल होगा।

आईएसआई के साथ पाक आर्मी ने भी की थी मीटिंग
– 16 मार्च को निकयाल इलाके में आतंकियों और पाकिस्तानी आर्मी की एक हाईलेवल मीटिंग हुई। इस मीटिंग में पाकिस्तानी खुफि‍या एजेंसी IS, पाकिस्तानी आर्मी के तीन POK ब्रिगेड के दो बड़े अफसर, लश्कर आतंकी और पाकिस्तानी आतंकियों को भारत में घुसपैठ करवाने वाला गाइड अशफाक भी मौजूद था।
– आईएसआई ने ये फैसला किया है कि वो जैश-ए-मोहम्मद को ज्यादा फंड देगा, जिससे घाटी के अंदर जैश लगातार बड़ी वारदातें कर सके। सुरक्षा एजेंसी से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, आतंकियों के कई कैंप पाकिस्तानी सेना के कैंप में शिफ्ट किए जा रहे है। इन कैंप के बाहर पाकिस्तानी सेना का कड़ा पहरा बैठा दिया गया है।

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